हमें उत्तर प्रदेश राज्य का पुनर्नामकरण करना जरूरी लगता हे। लेकीन सवाल है नाम (टीका) किसका लगाये?
उसे बाबासाब आंबेडकर प्रदेश कहा जाय या शाहूजी महाराज इलाखा? उसे इश्वरी मायाजाल भी कहा जा सकता है लेकीन भेणजीकी परमिशन लेणी पडेगा।
चाहे कुछ भी कहो लेकिन उसको (गन्ने को) आर्य चाणक्य राज्य नही कहा जा सकता ये है हमारी मजबूरी। और कहावत है की मजबूरी का नाम महात्मा गांधी।
क्यू न हम उक्सा नांम एम्. जी. प्रदेश (याने की माय गॉड प्रदेश करें?)
हम मरहट्टी उसे प्यार सें मायबोली प्रदेश कँह सकते है… और उधरके जंगल को बताये मायबोलीबुड।
लेकिन, लेकिन सबसे बडी हलचल तब मचेगी अगर उसका नाम रखा जावै सरद्वार नाथकोटणीस प्रदेश।
तालियाँ………. माफ करना बहनो और भाईयों हम कहना चाहत है… तौलिया।
